Farm Laws Withdrawn: Will the foreign investment be affected?

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने गुरुपर्व के मौके पर पिछले साल भर से चल रहे किसान आंदोलन को देखते हुए तीन कृषि कानूनों को वापस लेने का फैसले किया है. पीएम ने इस घोषणा को करते हुए अपने संबोधन में कहा कि आज मैं देशवासियों से क्षमा मांगते हुए यह कहना चाहता हूं कि हमारी तपस्या में कोई कमी रह गई होगी. हमें दुख है कि हम किसानों को इस कानून के फायदे नहीं समझा पाए और अब उनकी बेहतरी के लिए हम ये कानून वापस लेने का फैसला कर रहे हैं. इसके साथ ही उन्होंने किसानों से अपील की कि अब वे अपने घरों को लौट जाएं, खेतों में जाएं.


पीएम ने कहा कि 'हम इस कानून को किसानों की स्थिति की बेहतरी और अच्छे इरादों के साथ लाए थे, लेकिन अफसोस है कि इसके फायदे किसानों को समझाने में असफल रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस नए कानून के फायदे के बैरे में हमने किसानों को समझाने की बहुत कोशिश की. हम भी कानूनों को संशोधित या निलंबित करने के लिए भी तैयार थे. मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंचा. लेकिन अब इसे देखते हुए हम कृषि कानूनों को वापस लेने का फैसला कर रहे हैं.


वहीं दूसरी तरफ पीएम के इस फैसले के बारे में जनता क्या सोचती है. उन्हें उनका ये फैसला सही लगता है या गलत इसे जानने के लिए abp न्यूज के लिए सी वोटर ने दो दिनों में स्नैप पोल के जरिये देश के लोगों का मूड जाना है. सर्वे में 2 हजार 596 लोगों ने हिस्सा लिया है.



किसान आंदोलन कुछ किसानों का था या जनआंदोलन ?


जनआंदोलन 46%
कुछ किसानों का 42%
कह नहीं सकते 12%


किसान कानून वापस लेकर पीएम मोदी ने सही किया ?


हां 52%
नहीं 31%
कह नहीं सकते 17%
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инвестирование
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